ग्रंथसार
जब महाबली रावण शांत भाव से नर्मदा तट पर भगवान शिव की आराधना में लीन था, तभी नदी की उफनती धाराओं ने अचानक उसकी पूजा को विचलित कर दिया।
उत्तरकाण्ड · सर्ग 31
नर्मदा तट पर रावण की पूजा और जल का उफान