ग्रंथसार
गंगा के पावन तट पर जब लक्ष्मण के अश्रु बह निकले, तब वैदेही के सम्मुख जीवन की सबसे हृदयविदारक परीक्षा उपस्थित हुई।
उत्तरकाण्ड · सर्ग 48
लक्ष्मण द्वारा सीता को त्याग का सत्य बताना