सुमन्त्र द्वारा लक्ष्मण को सान्त्वना और दुर्वासा की भविष्यवाणी
गंगा के तट से लौटते हुए जब लक्ष्मण शोक के अगाध सागर में डूब गए, तब सुमन्त्र ने उन्हें उस प्राचीन भविष्यवाणी का स्मरण कराया जिसने नियति के गूढ़ रहस्यों को प्रकट किया था।
हिन्दी कथा
सुमन्त्र द्वारा लक्ष्मण को सान्त्वना और दुर्वासा की भविष्यवाणी
उत्तरकाण्ड · सर्ग 49
सुमन्त्र द्वारा लक्ष्मण को सान्त्वना और दुर्वासा की भविष्यवाणी