ग्रंथसार
आइए सुनें कि किस प्रकार महर्षि च्यवन ने शत्रुघ्न को लवणासुर के अमोघ त्रिशूल और उसके वध की गुप्त युक्ति बताई।
उत्तरकाण्ड · सर्ग 64
महर्षि च्यवन द्वारा लवणासुर के त्रिशूल का वर्णन