ग्रंथसार
श्रीराम की आज्ञा शिरोधार्य कर लवणासुर के संहार हेतु निकले शत्रुघ्न किस प्रकार मार्ग में महर्षि वाल्मीकि के तपोवन में पहुँचे, आइए इस पावन प्रसंग को सुनें।
उत्तरकाण्ड · सर्ग 65
शत्रुघ्न का महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में आगमन