ग्रंथसार
मधुवन के द्वार पर जब शत्रुघ्न ने अजेय लवणासुर का मार्ग रोका, तब अहंकार और धर्मनिष्ठा के बीच एक महायुद्ध की भूमिका रची गई।
उत्तरकाण्ड · सर्ग 67
शत्रुघ्न और लवणासुर का आमना-सामना