ग्रंथसार
आइए सुनते हैं कि किस प्रकार लवणासुर के वध के उपरांत शत्रुघ्न ने यमुना तट पर दिव्य एवं सुंदर मधुरा नगरी की नींव रखी।
उत्तरकाण्ड · सर्ग 68
मधुरा नगरी की स्थापना