ग्रंथसार
ऋषि अगस्त्य ने बताया कि किस प्रकार सुकेश के तीनों पुत्रों ने अपने पराक्रम से त्रिलोकी को कम्पित कर त्रिकूट पर्वत पर स्थित लंका को अपना निवास बनाया।
उत्तरकाण्ड · सर्ग 7
माल्यावान, सुमाली और माली का उत्कर्ष तथा लंका में प्रवेश