ग्रंथसार
आइए सुनते हैं कि किस प्रकार प्रजा के संकट को दूर करने के लिए श्रीराम पुष्पक विमान पर आरूढ़ होकर दिशा-दिशा में तपस्वी की खोज में निकल पड़े।
उत्तरकाण्ड · सर्ग 75
श्रीराम द्वारा तपस्वी की खोज और शैवल पर्वत पर आगमन