ग्रंथसार
जब मर्यादा का घोर उल्लंघन देखकर भृगुकुल भूषण शुक्राचार्य का क्रोध प्रज्वलित हो उठा, तो एक समृद्ध साम्राज्य का क्या परिणाम हुआ, आइए इस प्रसंग को सुनें।
उत्तरकाण्ड · सर्ग 79
महर्षि शुक्राचार्य का शाप