ग्रंथसार
सुनिए वह पावन प्रसंग, जब महर्षि वाल्मीकि ने लव और कुश को श्रीराम के यज्ञ में संपूर्ण रामायण गान का आदेश दिया।
उत्तरकाण्ड · सर्ग 93
वाल्मीकि द्वारा लव और कुश को उपदेश