ग्रंथसार
श्री हनुमान के अतुलनीय उपकार का प्रतिदान देने के लिए भगवान श्रीराम के पास उस समय अपना आलिंगन ही सर्वस्व था।
युद्धकाण्ड · सर्ग 1
श्रीराम द्वारा हनुमान् जी की प्रशंसा और आलिंगन