ग्रंथसार
जब लंकापति रावण के धराशायी होने का समाचार अन्तःपुर पहुँचा, तब लंका की नारियों के आर्तनाद से दसों दिशाएँ गूंज उठीं।
युद्धकाण्ड · सर्ग 110
राक्षस-रानियों का विलाप