ग्रंथसार
रावण ने जिस रहस्य को अब तक छिपा रखा था, उसी ने उसके अपार बल के दावे के बीच उसकी एक ऐसी विवशता उजागर कर दी, जिसे वह लाँघ नहीं सकता था।
युद्धकाण्ड · सर्ग 13
रावण द्वारा अपने शाप का रहस्योद्घाटन