ग्रंथसार
समुद्र के ऊपर ठहरा रावण का भाई शरण माँग रहा था—पर वानरराज को उसके निवेदन में शत्रु का छिपा हुआ षड्यंत्र दिखाई दे रहा था।
युद्धकाण्ड · सर्ग 17
विभीषण का शरणागति निवेदन और सुग्रीव का संदेह