ग्रंथसार
महोदर की छल-योजना के उत्तर में कुम्भकर्ण ने अपना बाहुबल सामने रख दिया—पर युद्ध के लिए उठते उसके कदमों के साथ अशुभ संकेत भी चल पड़े।
युद्धकाण्ड · सर्ग 65
कुम्भकर्ण द्वारा महोदर की भर्त्सना और रावण को आश्वासन