ग्रंथसार
जिस प्रास के सामने सैकड़ों वानर गिर चुके थे, वही युवराज अंगद की छाती से टकराकर टूट गया।
युद्धकाण्ड · सर्ग 71
अंगद द्वारा नरांतक का वध