ग्रंथसार
हाथों में जलती मशालें लिए वानर लंका में घुसे, तो रात्रि का अँधेरा ही नहीं टूटा—राक्षसों की सुरक्षा का विश्वास भी डगमगा गया।
युद्धकाण्ड · सर्ग 75
वानरों द्वारा लंका-दहन