ग्रंथसार
चित्रकूट से प्रभु की चरण-पादुकाएं लेकर भरत का मन जैसे किसी महायज्ञ के अनुष्ठान में लीन था।
अयोध्याकाण्ड · प्रसंग 16
भरत का अयोध्या आगमन