ग्रंथसार
प्रभु के वियोग में अयोध्या की गलियां आज भी भगवान राम-राम की गूंज के साथ उनकी प्रतीक्षा कर रही थीं।
अयोध्याकाण्ड · प्रसंग 18
अयोध्या की व्याकुल प्रतीक्षा