ग्रंथसार
चित्रकूट की पावन धरा पर जब भरत और भगवान राम का मिलन हुआ, तो प्रेम के अश्रुओं से पूरी धरती पवित्र हो गई।
अयोध्याकाण्ड · प्रसंग 6
चित्रकूट मिलन और राम की चरण-पादुका