ग्रंथसार
सुग्रीव की सेना चारों दिशाओं में निकल पड़ी, लेकिन लंका की ओर जाने का भार प्रभु राम ने अपने प्रिय भक्त श्री हनुमान को सौंपा।
बालकाण्ड · प्रसंग 18
सीता की खोज और हनुमान का मिशन