ग्रंथसार
अहंकार और संशय के बादल छंटने के पश्चात ही आत्मा परमात्मा का मिलन अनुभव कर सकती है।
बालकाण्ड · प्रसंग 2
सती का मोह और शिव-पार्वती विवाह