ग्रंथसार
भगवान शिव धनुष का खंडन केवल एक पराक्रम नहीं, बल्कि धर्म की विजय और माता सीता-भगवान राम का मिलन था।
बालकाण्ड · प्रसंग 26
धनुष-भंग और पावन विवाह