ग्रंथसार
श्रीराम की कथा केवल एक घटनाक्रम नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने वाली एक पावन धारा है।
बालकाण्ड · प्रसंग 30
भक्ति का मर्म और कथा का प्रयोजन