ग्रंथसार
कोशलपुरी की गलियों में गूंजती बालक भगवान राम की किलकारियों से सम्पूर्ण ब्रह्मांड आनंदित हो उठा।
बालकाण्ड · प्रसंग 4
अयोध्या के बाल-लीला प्रसंग