ग्रंथसार
श्रीराम की विजय सत्य, धर्म और मर्यादा की वह शाश्वत विजय है जो युगों-युगों तक मानव जाति को प्रकाश दिखाती रहेगी।
लङ्काकाण्ड · प्रसंग 22
दिव्य अनुग्रह का चरमोत्कर्ष