ग्रंथसार
रणभूमि में लक्ष्मण को मूर्छित देख प्रभु श्री राम का करुणा-सागर उमड़ पड़ा।
लङ्काकाण्ड · प्रसंग 7
लक्ष्मण शक्ति और संजीवनी का आगमन