ग्रंथसार
अशोक वाटिका के एक वृक्ष के नीचे बैठी, माँ माता सीता को देखकर श्री हनुमान जी की आँखें सजल हो उठीं।
सुन्दरकाण्ड · प्रसंग 3
अशोक वाटिका में माँ सीता