ग्रंथसार
सरयू के पावन तट पर प्रभु के राज्याभिषेक का वह अलौकिक दृश्य मानो स्वयं साक्षात् धर्म का अवतरण था।
उत्तरकाण्ड · प्रसंग 13
राज्याभिषेक और राम राज्य का उदय