ग्रंथसार
भक्ति का मार्ग ही संसार के सागर को पार करने का सबसे सुगम और सरल उपाय है।
उत्तरकाण्ड · प्रसंग 18
कागभुशुण्डि का ज्ञान और भक्ति की महिमा