ग्रंथसार
कागभुशुण्डि के अनुभव से यह स्पष्ट होता है कि भक्ति का मार्ग ही जीव के कल्याण का एकमात्र द्वार है।
उत्तरकाण्ड · प्रसंग 9
उपदेश और कागभुशुण्डि की कथा