ग्रंथसार
सुबह सूर्य को जल देते समय क्या हम केवल एक रीति निभाते हैं, या बीतते दिन के बीच अपने लिए ठहरने की जगह भी बनाते हैं?
घर की पूजा — अर्थ सहित · पाठ 5
संध्या — दिन के मिलन-बिन्दु