ग्रंथसार
चंदन, फूल, धूप, दीप और नैवेद्य—क्या ये केवल पूजा की सामग्री हैं, या भगवान के स्वागत की एक आत्मीय भाषा?
घर की पूजा — अर्थ सहित · पाठ 7
पूजा में आत्मीय स्वागत