ग्रंथसार
कलयुग को दोषों का सागर कहा गया है, पर इसी युग में मुक्ति का सबसे सरल उपाय भी छिपा है।
जप और नाम स्मरण · पाठ 6
कलियुग में हरिनाम की महिमा