ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के उस विशाल मैदान में, जब अर्जुन अपने ही स्वजनों को शत्रु के रूप में देखकर मोह और शोक से व्याकुल हो उठे, तब उनके सारथी बने भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें केवल धर्म का ही नहीं, बल्कि योग का भी रहस्य समझाया।
प्राणायाम और श्वास · पाठ 3
गीता में प्राण-अपान