ग्रंथसार
घर के आँगन में जलता एक छोटा सा दीपक और तुलसी का पौधा केवल एक परम्परा नहीं, बल्कि एक दिव्य कथा का जीवंत प्रतीक है।
संध्या और नित्य उपासना · पाठ 4
तुलसी और दीप