ग्रंथसार
जीवन के हर नए आरंभ की दहलीज पर खड़ा मनुष्य जब संशय में होता है, तब उसे एक ऐसी शक्ति की आवश्यकता होती है जो उसकी बुद्धि को आलोकित कर सके।
गाणपत्य सम्प्रदाय · पाठ 1
आरंभ के अधिपति