ग्रंथसार
क्या आपने कभी सोचा है कि वह स्वर्णमयी भोर केवल एक दिन का आरंभ है, या हमारे भीतर छिपे किसी अनंत सत्य का आह्वान?
सौर सम्प्रदाय · पाठ 1
प्रकाश और जीवन का स्रोत