ग्रंथसार
क्या शब्द केवल अर्थ का संवाहक हैं, या उनमें दिव्य चेतना को स्पंदित करने की भी शक्ति है?
शैव सम्प्रदाय · पाठ 8
स्तुति और गान परंपरा