ग्रंथसार
गुरुदेव की कुटिया में जलते उस नन्हे दीप की लौ, समय के उस विराट चक्र का रहस्य खोल रही थी जिसे हम नवरात्रि कहते हैं।
शाक्त सम्प्रदाय · पाठ 4
नवरात्रि और पवित्र वर्ष