ग्रंथसार
नारी के सम्मान में ही साक्षात् देवी की आराधना छिपी है, यही शाक्त परंपरा का परम सत्य है।
शाक्त सम्प्रदाय · पाठ 9
शक्ति के रूप में नारी और साधना