ग्रंथसार
क्या अद्वैत का दर्शन केवल हिमालय की गुफाओं में समाधि लेने के लिए है, या इसे हमारे दैनिक जीवन के कोलाहल में भी जिया जा सकता है?
स्मार्त सम्प्रदाय · पाठ 3
अद्वैत का व्यवहार