ग्रंथसार
दूर देशों की ठंडी धरती पर भी जब हम दीया जलाते हैं, तो वह मिट्टी हमारे संस्कारों की गर्माहट को अपने भीतर समेट लेती है।
समाज और सेवा · पाठ 7
प्रवास और बदली हुई जीवनशैली