ग्रंथसार
श्री आनन्दमयी माँ का जीवन स्वयं में एक ऐसा संदेश था जिसने संत परंपरा में स्त्रियों के स्थान को एक नई गरिमा और शक्ति प्रदान की।
श्री आनन्दमयी माँ · पाठ 9
स्त्री-संतों के लिए एक प्रकाश-स्तंभ