ग्रंथसार
भक्ति संतों ने गूढ़ दर्शन को उस सरल भाषा में ढाला जिसे सड़क पर चलता हर सामान्य व्यक्ति आसानी से समझ सके।
भक्ति संत · पाठ 11
संतों की सहज वाणी