ग्रंथसार
तुलसीदास की भक्ति में मर्यादा का वह प्रकाश है जो मनुष्य को प्रेम के साथ-साथ अनुशासन के सूत्र में भी पिरोता है।
भक्ति संत · पाठ 3
तुलसीदास और शरणागति का मार्ग