ग्रंथसार
दक्षिण की धरती पर जन्मी आलवार और नयनार संतों की परंपरा ने भक्ति को एक ऐसा भावात्मक ज्वार दिया, जिसने पूरे भारत को प्रेम के रंग में सराबोर कर दिया।
भक्ति संत · पाठ 9
आलवार और नयनार: भावों में डूबे हृदय