ग्रंथसार
राय भोइ दी तलवंडी के गाँव में, उस सुबह एक असाधारण बालक की किलकारियाँ गूँज रही थीं, जिनकी आँखों में एक दिव्य प्रकाश था।
गुरु नानक देव · पाठ 1
गुरु नानक: दिव्य बालक