ग्रंथसार
गुरु नानक देव जी के पिता ने उन्हें व्यापार के लिए बीस रुपये दिए, पर नानक जी ने उन पैसों से एक ऐसा सौदा किया जिसने संसार को निस्वार्थ सेवा का सच्चा अर्थ सिखा दिया।
गुरु नानक देव · पाठ 2
सच्चा सौदा